औरंगाबाद: व्यवहार न्यायालय औरंगाबाद में जिला एवं सत्र न्यायाधीश द्वितीय अनिन्दिता सिंह की अदालत ने पौथु थाना कांड संख्या 118/23 से संबंधित सेशन केस संख्या 510/24 एवं ट्रायल संख्या 83/24 में सुनवाई करते हुए दो अभियुक्तों को दोषी पाते हुए सजा सुनाई है।
अभियोजन पक्ष की ओर से एपीपी देवेन्द्र शर्मा ने बताया कि अभियुक्त राकेश कुमार उर्फ नन्हे शर्मा तथा ग्रिजेश शर्मा, दोनों निवासी अचुकी, पौथु को भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं में दोषी ठहराया गया। न्यायालय ने दोनों अभियुक्तों को धारा 341 के तहत एक माह कारावास, धारा 323 के तहत छह माह कारावास तथा धारा 307 (हत्या के प्रयास) के तहत पांच वर्ष कारावास एवं 15-15 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
इसके अलावा अभियुक्त ग्रिजेश शर्मा को आर्म्स एक्ट की धारा 27 के तहत तीन वर्ष कारावास एवं 15 हजार रुपये जुर्माने की अतिरिक्त सजा दी गई है। दोनों अभियुक्तों को 8 जून 2026 को दोषी करार दिया गया था। दोषसिद्धि के बाद राकेश कुमार का बंधपत्र निरस्त कर उसे जेल भेज दिया गया, जबकि ग्रिजेश शर्मा पहले से ही न्यायिक हिरासत में है।
मामले में कुल 11 गवाहों की गवाही कराई गई। अधिवक्ता सतीश कुमार स्नेही के अनुसार प्राथमिकी के सूचक अंकित कुमार, निवासी अचुकी, पौथु ने 2 अक्टूबर 2023 को मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल, गया में उपचार के दौरान पुलिस के समक्ष अपना बयान दर्ज कराया था। उन्होंने बताया था कि 1 अक्टूबर 2023 की सुबह करीब 8 बजे अभियुक्तों ने गाली-गलौज करते हुए उनके परिवार के साथ मारपीट की। कुछ देर बाद ग्रिजेश शर्मा ने पिस्तौल से फायरिंग की, जिसमें सूचक, उसके भाई और पुत्र घायल हो गए। वहीं राकेश कुमार ने लाठी से हमला कर उनकी मां को भी घायल कर दिया।
घटना के बाद घायलों का इलाज पहले सदर अस्पताल, औरंगाबाद में कराया गया। अभियोजन पक्ष ने न्यायालय में लिखित बयान, जप्ती सूची, फोटोग्राफ, जख्म प्रतिवेदन, पेन ड्राइव तथा घटनास्थल से बरामद तीन खोखे को साक्ष्य के रूप में प्रस्तुत किया, जिसके आधार पर न्यायालय ने दोनों अभियुक्तों को दोषी मानते हुए सजा।
अविनाश कुमार की रिपोर्ट,
Author: Shamsher Editor in chief
14/08/1980
