कथारा (बोकारो): सीसीएल कथारा क्षेत्र की कथारा वाशरी में लगभग 100 टन स्क्रैप की नीलामी और उसके उठाव को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। आरोप है कि अधिकारियों की मिलीभगत से निर्धारित नियमों को दरकिनार कर स्क्रैप का उठाव किया जा रहा है। मामले को लेकर स्थानीय स्तर पर चर्चाओं का बाजार गर्म है।
जानकारी के अनुसार, कथारा वाशरी में दो पुराने लोकोमोटिव (रेल इंजन) को कबाड़ के रूप में 20 जुलाई 2026 को नीलाम किया गया। यह टेंडर नई दिल्ली की अरिहन्त स्टील कॉरपोरेशन को मिला। इनमें से एक लोकोमोटिव संख्या 7200009 का वजन 50,000 किलोग्राम (50 टन) बताया गया है, जिसकी नीलामी दर ₹81 प्रति किलोग्राम निर्धारित की गई।
विवाद उस समय गहरा गया जब ट्रक संख्या NL 01AA 7079 स्क्रैप लोड कर कथारा वाशरी से बाहर निकला, लेकिन बाद में किसी कारणवश उसे खाली कराया गया और फिर बाहर भेजा गया। सूत्रों का दावा है कि ट्रक संख्या HR 63F 0509, JH02BY 1342 तथा JH02BM 3081 भी कथित रूप से बिना आवश्यक दस्तावेजों के स्क्रैप लेकर वाशरी परिसर से बाहर निकल गए थे। बाद में इनमें से कुछ वाहनों को किसके आदेश पर दोबारा कथारा वाशरी परिसर में खड़ा कराया गया, इसे लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार, सीसीएल में प्रचलित नियम के तहत यदि कोई लोडेड ट्रक 24 घंटे से अधिक समय तक खड़ा रहता है, तो उसे पहले खाली कराया जाता है, फिर खाली वाहन का कांटा (वजन) कराया जाता है, उसके बाद दोबारा लोडिंग कर वैध गेट पास जारी कर बाहर भेजा जाता है। आरोप है कि संबंधित ट्रकों के मामले में इस प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया।
मामले पर कथारा वाशरी के परियोजना पदाधिकारी अमरेंद्र कुमार ने कहा कि पूरे प्रकरण की जांच की जा रही है। वहीं कथारा ओपी प्रभारी ने बताया कि इस संबंध में अभी तक कोई लिखित आवेदन प्राप्त नहीं हुआ है। आवेदन मिलने पर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
हालांकि, उठाए गए आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
मोहम्मद सेराज की रिपोर्ट,
Author: Shamsher Editor in chief
14/08/1980
