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स्वांग वाशरी के 42 सप्लाई मजदूरों को बड़ी राहत, 14 साल बाद खत्म हुआ ‘वनवास’

कथारा: सीसीएल कथारा प्रक्षेत्र अंतर्गत स्वांग वाशरी में वर्षों से प्लांट क्लीनिंग कार्य में लगे 42 सप्लाई मजदूरों के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। करीब 14 वर्षों से चल रहे औद्योगिक विवाद का पटाक्षेप हो गया है और अब मजदूरों के अस्थायीकरण का रास्ता साफ हो गया है।
भारत सरकार के श्रम मंत्रालय एवं केंद्रीय श्रम न्यायालय (ट्रिब्यूनल संख्या-1), धनबाद ने 10 दिसंबर 2025 और 17 दिसंबर 2025 को ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए सीसीएल प्रबंधन को निर्देश दिया है कि तीन महीने के भीतर सभी 42 मजदूरों को एनसीडब्ल्यू की तमाम सुविधाओं के साथ अस्थायी रूप से नियोजित किया जाए। इस अवार्ड की प्रति यूनियन को 15 अप्रैल 2026 को प्राप्त हुई।

2012 से शुरू हुआ था संघर्ष

बताया जाता है कि राष्ट्रीय कोलियरी मजदूर संघ (इंटक) के तत्कालीन कथारा क्षेत्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संतोष कुमार आस (वर्तमान में संगठित मजदूर कांग्रेस, इंटक के महामंत्री) ने अगस्त 2012 में 42 मजदूरों के नियमितीकरण की मांग को लेकर सहायक श्रम आयुक्त (केंद्रीय), हजारीबाग के समक्ष औद्योगिक विवाद संख्या 34/15 दायर किया था।
करीब तीन वर्षों तक चली वार्ता विफल होने के बाद मामला केंद्र सरकार के श्रम मंत्रालय को भेजा गया। वर्ष 2015 में इसे धनबाद स्थित केंद्रीय श्रम न्यायालय (ट्रिब्यूनल) में संदर्भित किया गया, जहां 2015 से 2025 तक लंबी सुनवाई चली।

2016 में मजदूरों को हटाया गया था

सुनवाई के दौरान 25 नवंबर 2016 को प्रबंधन द्वारा मौखिक आदेश के जरिए मजदूरों को कार्य से हटा दिया गया। इससे मजदूरों और उनके परिवारों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया। आर्थिक तंगी, बीमारी और इलाज के अभाव में कई मजदूरों की मौत तक हो गई, जबकि एक मजदूर बेनी माधव यादव गंभीर स्थिति में हैं।

आंदोलन और संघर्ष जारी रहा

इस दौरान यूनियन ने स्थानीय स्तर से लेकर सीसीएल मुख्यालय, विधायक और सांसद तक अपनी आवाज उठाई। कई बार आंदोलन और वार्ता के जरिए मजदूरों की पुनर्बहाली की मांग की गई, लेकिन प्रबंधन की ओर से कोई ठोस पहल नहीं हुई।

फैसले से लौटी उम्मीद

अब ट्रिब्यूनल के फैसले से मजदूरों और उनके परिवारों में खुशी की लहर है। वर्षों से संघर्ष कर रहे मजदूरों की जिंदगी में फिर से उम्मीद जगी है। मजदूरों ने श्रम मंत्रालय और ट्रिब्यूनल के प्रति आभार जताया है और अपने यूनियन नेता संतोष आस को भी धन्यवाद दिया है।

आगे की रणनीति

यूनियन नेता संतोष कुमार आस ने कहा कि परियोजना स्तर और सीसीएल मुख्यालय से अवार्ड को समय सीमा के भीतर लागू करने का अनुरोध किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि प्रबंधन ने आनाकानी की या मजदूरों के अधिकारों से वंचित करने की कोशिश की, तो यूनियन व्यापक आंदोलन करने को बाध्य होगी।

मोहम्मद सेराज की रिपोर्ट,

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