Home » News Update » तेनुघाट बहु-ग्रामीण एवं एकल ग्रामीण जलापूर्ति योजनाओं की मंत्री ने की समीक्षा

तेनुघाट बहु-ग्रामीण एवं एकल ग्रामीण जलापूर्ति योजनाओं की मंत्री ने की समीक्षा

15 दिनों के भीतर कार्य शुरू नहीं करने वाले संवेदकों पर होगी नियमानुसार कार्रवाई : मंत्री योगेंद्र प्रसाद

रांची: पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने शुक्रवार को तेनुघाट बहु-ग्रामीण एवं एकल ग्रामीण जलापूर्ति योजनाओं की समीक्षा की। समीक्षा के दौरान योजनाओं की भौतिक एवं भुगतान स्थिति, क्षेत्र भ्रमण के माध्यम से कार्यों की वास्तविक स्थिति तथा ग्रामीण क्षेत्रों में घरेलू नल संयोजन की स्थिति की विस्तृत जानकारी ली गई।

समीक्षा में गोमिया विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न प्रखंडों में घरेलू नल संयोजन की स्थिति भी प्रस्तुत की गई। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार गोमिया प्रखंड में 52,689 घरों में से 35,191 घरों को नल जल संयोजन उपलब्ध कराया गया है। इसी प्रकार कसमार में 18,574 में से 7,499, पेटरवार में 32,687 में से 21,799, नावाडीह में 26,625 में से 14,437 तथा चंद्रपुरा में 11,162 में से 9,834 ग्रामीण घरों को नल जल संयोजन उपलब्ध कराया गया है।

योजनाओं की प्रगति की समीक्षा

बैठक में 5 फरवरी 2026 को हुई पिछली समीक्षा और 11 सितंबर 2026 की वर्तमान समीक्षा के बीच योजनाओं की प्रगति की तुलना की गई। कसमार ग्रामीण जलापूर्ति योजना की प्रगति 70 प्रतिशत से बढ़कर 81 प्रतिशत हुई है, जबकि भुगतान 93 प्रतिशत बताया गया।

इसी तरह पेटरवार योजना की प्रगति 81 से बढ़कर 90 प्रतिशत और भुगतान 83 प्रतिशत रहा। केचबेरा योजना की प्रगति 89 से बढ़कर 90 प्रतिशत तथा भुगतान 96 प्रतिशत रहा। जारंगडीह योजना की प्रगति 95 प्रतिशत पर स्थिर रही, जबकि भुगतान 87 प्रतिशत हुआ। टोंगकाटी योजना की प्रगति 70 प्रतिशत रही और भुगतान 61 प्रतिशत दर्ज किया गया।

समीक्षा के दौरान मंत्री ने योजनाओं की प्रगति अपेक्षित गति से नहीं बढ़ने तथा लंबित कार्यों को लेकर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

15 दिनों में कार्य शुरू करने का निर्देश

मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने कार्यपालक अभियंता, अधीक्षण अभियंता, सहायक अभियंता एवं कनीय अभियंता को निर्देश दिया कि जिन जलापूर्ति योजनाओं में अब तक कार्य शुरू नहीं हुआ है, उनका स्थलीय निरीक्षण कर 15 दिनों के भीतर कार्य प्रारंभ कराना सुनिश्चित करें।

उन्होंने कहा कि कार्य शुरू नहीं करने वाले संवेदकों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए। साथ ही योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही अथवा उदासीनता बरतने वाले संबंधित पदाधिकारियों की जवाबदेही तय करते हुए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

मंत्री ने अधिकारियों को क्षेत्र भ्रमण को प्राथमिकता देते हुए योजनाओं की वास्तविक स्थिति का सत्यापन करने तथा ग्रामीणों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं का समाधान करने को कहा। उन्होंने कहा कि जलापूर्ति योजनाओं का मुख्य उद्देश्य प्रत्येक ग्रामीण परिवार को सुरक्षित एवं नियमित पेयजल उपलब्ध कराना है। इसलिए योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

Shamsher Editor in chief
Author: Shamsher Editor in chief

14/08/1980

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

FOLLOW US

POll

[democracy id="1"]

TRENDING NEWS

Advertisement

GOLD & SILVER PRICE

Rashifal