गंगोत्री से जल लेकर बाबा बैद्यनाथ-बासुकीनाथ और नागेश्वर धाम में करेंगे जलाभिषेक, शिवभक्तों ने किया भव्य स्वागत
गिरिडीह: सरहद पर देश की रक्षा करते हुए शहीद हुए सैनिकों की आत्मा की शांति की कामना लेकर एक अनूठे धार्मिक अभियान पर निकले गुणवंत जोशी उर्फ ‘गनी बाबा’ 1518 किलोमीटर की पदयात्रा कर सोमवार को गिरिडीह पहुंचे। गंगोत्री धाम से पवित्र जल लेकर पैदल यात्रा कर रहे गनी बाबा का गिरिडीह पहुंचने पर शिवभक्तों ने श्रद्धा और उत्साह के साथ भव्य स्वागत किया। गनी बाबा ने बताया कि उनका संकल्प गंगोत्री से जल लेकर बाबा बैद्यनाथ धाम पहुंचकर जलाभिषेक करने और इसके बाद बाबा बासुकीनाथ धाम में भी जलाभिषेक करने का है। इसके बाद वे गुजरात स्थित बाबा नागेश्वर धाम के लिए रवाना होंगे। वहां भी शहीद सैनिकों की आत्मा की शांति के लिए जलाभिषेक करेंगे।
उन्होंने कहा कि सीमा पर तैनात सैनिक अपनी जवानी और जिंदगी देश की सुरक्षा के लिए कुर्बान कर देते हैं। ऐसे ही देश के लिए शहीद हुए 20 सपूतों की आत्मा की शांति के लिए उन्होंने यह यात्रा शुरू की है। उनके मुताबिक यह उनके लिए एक छोटा-सा प्रयास है, जिसके माध्यम से वे देश के वीर सपूतों के प्रति श्रद्धा और सम्मान अर्पित करना चाहते हैं।
गिरिडीह में मिले स्वागत और सम्मान से अभिभूत गनी बाबा ने कहा कि यहां के लोग बेहद अच्छे और सहयोगी हैं। रास्ते भर उन्हें लोगों का भरपूर सहयोग मिल रहा है। उन्होंने कहा कि लंबी पदयात्रा के दौरान कभी किसी चीज की कमी महसूस नहीं हुई। जहां भी जाते हैं, लोग श्रद्धा से उनकी मदद करते हैं। यह सब भोले बाबा की कृपा है। धनबाद जिले के धोवाटांड़, शास्त्री नगर निवासी गुणवंत जोशी ब्रह्मचर्य जीवन व्यतीत कर रहे हैं। पेशे से वे मैकेनिकल इंजीनियरिंग के क्षेत्र से जुड़े हैं। इसके बावजूद देश के शहीद सैनिकों के प्रति श्रद्धा और भगवान शिव में आस्था को लेकर उन्होंने हजारों किलोमीटर की कठिन पदयात्रा का संकल्प लिया है। उनकी इस यात्रा को देखने और उनका स्वागत करने के लिए गिरिडीह में बड़ी संख्या में शिवभक्त जुटे।
Author: Shamsher Editor in chief
14/08/1980
